सोनगढ़ का किला यानी सोने का खजाना
"सोनगढ़ का किला यानी सोने का खजाना "
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| Songarh Fort __Mandav |
जैसे नाम से ही ज़ाहिर है की ये कोई मामूली किला नहीं होगा क्यूँकी इस किले के नाम से ही" सोन" शब्द जुडा हुआ है सोनगढ़ यानी स्वर्ण पहाड़ !वैसे तो मांडव का इतिहास हजारों साल पुराना है और यहाँ हिंदुस्तान के कई प्रसिद्ध बादशाहों ने हुकूमत की है जैसे राजा भोज उनके ताऊ मुंज ,महमूद खिलज़ी ,नासिर शाह ,बाज बहादुर ,मुगलों और अंत में पंवारों ने ! इसके अलावा जब से भारत में इस्लाम आया तब से दिल्ली के सुल्तानों ने भी यहाँ कई बार हमले किये इल्तुतमिश से लेकर अलाउद्दीन खिलज़ी तक के हमले यहाँ होते रहे !
जब अलाउद्दीन खिलज़ी ने यहाँ १३०० इसवी में हमला किया तो उसे यहाँ से बेशुमार दौलत और विश्व प्रसिद्द कोहिनूर हिरा भी मिला !जिस स्थान पर कोहिनूर जैसा हिरा मिला हो वो जगह खजानों से खाली कैसे हो सकती है !आज भी ये किला रहस्यमयी है
इसी किले में वक़्त के बादशाह अपना शाही खजाना छिपाते थे ये किला मांडव के सबसे आखरी छोर पश्चिम दिशा में एक खड़ी पहाड़ी पर बना हुआ है यह जगह मांडू के पठार में सबसे ऊँची है इसका आकार ऊंट की पीठ जैसा है!यह किला लाल पत्थरों से बना बहुत ही सुन्दर है और चारों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है इसमें प्रवेश करने के लिए एक विशाल दरवाजे से घुसना पड़ता है जिसे सोनपुर का दरवाज़ा कहते है !अगर हम मांडव का मानचित्र देखे तो पायेंगे की ये किला बहुत ही सुरक्षित और मांडव की आबादी से अलग--थलग है जहाँ किसी की नज़र ही नहीं जाती ! चूँकि ये पहाड़ी के सबसे आखरी छोर पर है सो इसके ठीक निचे घाटी का मनोहारी नज़ारा देखते ही बनता है !
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| Map Of Songarh Fort |
आज भी सोनगढ़ के किले में बकरी चराने वाले चरवाहों को सिक्के मिलते रहते है "एक अँगरेज़ इतिहासकार किनकेड " को भी यहाँ से १००८ का सिक्का मिला था इस किले के पास एक दरगाह भी है और निचे सागर !पीपल के एक पुराने पेड़ के निचे हनुमान जी की एक विचित्र मूर्ति रखी हुई है जिसका दाहिना पैर एक बन्दर पर रखा हुआ है यहाँ पर कई खुबसूरत मार्बल की खंडित मूर्तियाँ भी बिखरी पड़ी है जो इस बात का प्रमाण है की मांडव वक़्त से बहुत आगे था !यहाँ पर लोहे की टोपे भी रखी हुई है ! हुमायूँ ने जब मांडव पर हमला किया था तो गुजरात का सुल्तान बहादुर शाह गुजराती जो मांडव का सुलतान बन बैठा था घोड़ों को रस्सी से बाँधकर और खुद भी उस पर सवार होकर यही से गुजरात भागा था !
अगली बार जब भी आप मांडव घुमने जाए तो सोनगढ़ के किले पर जाना ना भूले !
अभी शोभन सरकार नामक एक साधू को ख्वाब आया है की उत्तर प्रदेश उन्नाव किले में १००० तन सोना है तो मुझे भी बचपन से यही ख्वाब आ रहा है की मंडाव के सोनगढ़ किले में सोने के पहाड़ इतना सोना है जो धरती की कोख में आज भी सुरक्षित है या ज़मीन के सरकने की क्रिया में इधर--उधर हो गया है !आज नहीं तो कल इतिहास के इस रहस्य से पर्दा जरुर उठेगा की सोनगढ़ किले का नाम सोनगढ़ क्यूँ पड़ा ?
जावेद शाह खजराना
Meri Ye News Aap Sabhi Reader K Liye Anokhi hai
जवाब देंहटाएंSo Please Ise Jarur Read Kare____ Thanxx
Jay Ho Mandavgarh
जवाब देंहटाएंbht khub javed bhai
जवाब देंहटाएंYe To Aapki Zarra__Nawzish Hai Karim Sahab ....
हटाएंShukriya
धन्यवाद जी ऐसे पुराने दर्शनीय स्थलों को उजागर करना चाहिए
हटाएंधन्यवाद जी ऐसे पुराने दर्शनीय स्थलों को उजागर करना चाहिए
हटाएं1008 का सिक्का की फोटो ?
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